कुख्यात अपराधी विकास दुबे पर ढाई गुना बढ़ाया ईनाम

Award of two and a half lakh on criminal Vikas Dubey
कानपूर शूटआउट के आरोपी विकास दुबे (Criminal Vikas Dubey) पर ईनाम को ढाई गुना बढ़ा दिया है। अब विकास के बारे में खबर देने वाले को ढाई लाख रुपए (Award of Two And a Half Lakh ) का ईनाम दिया जाएगा। शूट आउट से पहले उस पर पचास हजार का ईनाम था। विकास पर कानपूर में अपने घर के बाहर मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने का आरोप है। उत्तरप्रदेश के सभी टोल नाकों पर उसके पोस्टर लगाए गए हैं।

 
 
 
​कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) को पकड़ना यूपी पुलिस के लिए चैलेंज बन गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस महानिदेशक ने सोमवार को इनाम की राशि बढ़ा दी है। विकास दुबे पर पहले पचास हजार का इनाम था जिसे बाद में बढ़ा कर एक लाख कर दिया गया और अब सोमवार को इसमें इजाफा कर इसे ढाई लाख रुपये कर दिया गया है।
 
 

विकास दुबे को ढूंढने के लिये 40 पुलिस थानों की 25 टीमें लगाई गई है। ये टीमें दिन रात पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही है। इसके अलावा कुछ टीमें दूसरे प्रदेशों को भी भेजी गई है। कानपूर पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल की माने तो जल्द ही उन्हें अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। विकास दुबे के करीबी दयाशंकर के खुलासे के बाद चौबेपुर थाने के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसमें दो थानेदार और एक सिपाही शामिल है।
 
 
 

विकास दुबे की तलाश में जुटी है पुलिस

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस विकास दुबे के करीबियों के मोबाइल को ट्रेस करने में जुटी हैं। विकास से सम्पर्क रखने वाला हर व्यक्ति पुलिस राडार पर है। पुलिस ने विकास के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखने की बात कही है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के टोल नाकों पर दुबे के पोस्टर लगाए गए हैं।
 
 
 

सीओ, थानाप्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों की हुई थी हत्या

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी और एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे । मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है। घटना के बाद से पुलिस को दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है। विकास दुबे पर धारा 192 220 धारा 147 148 149 302 307 394 सहित कई धाराओं में केस दर्ज है।
 
 

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