विकास दुबे के चचेरे भाई का एनकाउंटर,पुलिस पर की थी फायरिंग

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उत्तरप्रदेश पुलिस ने कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) के चचेरे भाई अमर दुबे (Amar Dubey) को एनकाउंटर (Encounter In Hamirpur) में मार गिराया। कानपुर कांड में आठ पुलिसकर्मियों को मारने में अमर दुबे भी शामिल था। वह छत से पुलिस पर फायरिंग कर रहा था। यूपी एफटीएफ स्पेशल टास्क फोर्स ने हमीरपुर में इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

 
 

कानपुर एनकाउंटर केस में इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अमर दुबे (Amar Dubey) भागने की फिराक में था,उसी दौरान पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। विकास दुबे को पकड़ने के लिए एसटीएफ और पुलिस संयुक्त ऑपरेशन चला रही है। गौरतलब है कि कानपुर के बिकरू गांव में चार दिन पहले विकास और उसके गुर्गो ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद से आरोपी फरार है। विकास (Vikas Dubey) के दिल्ली में आत्मसमर्पण करने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। यूपी-दिल्ली सीमा पर पुलिस चौकसी बरत रही है।
 
 


विकास दुबे का नहीं लगा सुराग

गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की तलाश में जुटी उत्तरप्रदेश पुलिस को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि विकास और उसके एक अन्य सहयोगी को फरीदाबाद के एक होटल में देखे जाने का दावा किया जा रहा है। होटल के सीसीटीवी कैमरे में विकास दुबे कैद हुआ है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। विकास दुबे की तलाश देश के अन्य राज्यों में भी की जा रही है।
 
 
 

गैंगस्टर विकास दुबे के एसपी डीआईजी से संपर्क! 

कानपुर कांड को लेकर एसएसपी दिनेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौबेपुर थाने के सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इन पर विकास दुबे (Vikas Dubey) की मदद करने का आरोप है। कानपुर में हुई आठ पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। गैंगस्टर और पुलिस की मिलीभगत की जानकारी सामने आने के बाद योगी सरकार ने जांच के दायरे में आए एसटीएफ के डीआईजी अनंतदेव तिवारी का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही दो अन्य अधिकारियों को भी बदला गया है। कहा जा रहा है कि विकास दुबे की सांठ-गांठ थानेदार तक नहीं आईपीएस तक थी।
 
 

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