आखिरकार गलवान घाटी में चीन की सेना पीछे हटी

China army retreat in-lac Galvan Valley

चीन की सेना (China Army) गलवान घाटी (Galvan Valley) के कुछ हिस्सों से तंबू हटाते और पीछे हटती (Retreat in Lac) दिखी है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस क्षेत्र में सैनिकों के पीछे हटने का यह पहला संकेत है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच हुए समझौते के तहत चीनी सैनिकों ने पीछे हटना शुरू किया है।

 

 

चीनी सेना सोमवार को गश्त बिंदु 14 पर लगाए गए तंबू एवं अन्य ढांचे हटाते हुए देखी गई है। चीनी सेना ने करीब दो किलोमीटर तक पीछे कदम हटाए हैं। इससे पहले रविवार को अजित डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी। गोगरा हॉट स्प्रिंग इलाके में भी चीनी सैनिकों के वाहनों की इसी तरह की गतिविधि देखी गई है। भारतीय और चीनी सेना के बीच पिछले सात हफ्तों से पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में गतिरोध जारी है।

 

 

तनाव कम करने को लेकर बनी सहमति 

दोनों देशों के बीच चल रहे लम्बे समय से विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए। भारत की ओर से अजित डोभाल ने अपने समकक्ष से बातचीत की। इसके बाद दोनों में तनाव कम करने को लेकर सहमति बनी। हालांकि, अभी 72 घंटे का समय वेरिफिकेशन के लिए तय किया गया है, इस बीच सीमा पर बफर जोन (Buffer Zone) बनाया गया है, जिससे किसी तरह की झड़प न हो।

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चीन ने छुपाई हताहत सैनिकों की संख्या

गलवान घाटी में 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव कई गुणा बढ़ गया था जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। चीन के सैनिक भी इस झड़प में हताहत हुए थे लेकिन उसने अब तक इसके ब्योरे उपलब्ध नहीं कराए हैं। भारत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पूर्वी लद्दाख के सभी इलाकों में पूर्व यथास्थिति बहाल करने पर जोर देता आया है।

 

 

 

सहमति के बावजूद कम नहीं हो रहा ​गतिरोध

क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन के बीच कई चरणों की कूटनीतिक एवं सैन्य वार्ताएं हुई हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के क्षेत्र से बलों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमत होने के बावजूद गतिरोध समाप्त होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे थे।

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